दीर्घोद्योग सफलता का गुरुमंत्र है

by कॅरोल कांचीयर से

ध्यान में रहे कि ग़लती करना यह सीखने का एक भाग है

हेल्गा का अपना पहला जवाहिरात का भंडार स्थापित करने का प्रयास असफल रहा. अपने अनुभव का पुनरावलोकन करने के बाद, उस ने दूसरा जवाहिरात भंडार खोला. अब हेल्गा तीन सफल भंडारों की गर्वीली मालकिन है

हेल्गा अपने पहले प्रयास में असफल नहीं हुई. असफलता तब होती है जब हम कार्य छोड देते हैं या यत्‍न करना बंद करते हैं. हेल्गा दीर्घोद्योगी है - "जारी-रखना-पन"

दीर्घोद्योग सफलता का गुरुमंत्र है. बिजली का दिया बनाने के हजार प्रयासों के बाद, थॉमस एडिसन ने कहा, "मैं असफल नहीं हुआ. मैं ने १०,००० ऐसे तरीके ढूँढ़े हैं जो काम के नहीं हैं." मारिओ लेमियक्स, हेलेन केलर, अब्राहम लिंकन, मेरी क्यूरी तथा अन्य महान सफलता प्राप्त लोगों की अनंत सूचि से मालूम होत है कि हरएक जो दीर्घोद्योगी है उसे सफलता हमेशा प्राप्त होती ही है.

वांछित जॉब या पदोन्‍नति प्राप्त करना, या किसी व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने में कठिनाइयाँ होगी. लेकिन यह सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है. अंततः, जो दीर्घोद्योग करते हैं, वे सफल होते हैं. वे अपनी ग़लतियों से सीखते हैं.

क्या आप दीर्घोद्योग करते हैं? या, अस्वीकृति या कठिनाइयाँ आने पर आप कार्य को छोड देते हैं?

अपने दीर्घोद्योगांक का परीक्षण करें

नीचे दिए हुए मुद्दों पर अपना मूल्यांकन करें - एक से तीन तक प्रमाण से - एक निम्न तथा तीन उच्च.

मैं अपने आप पर भरोसा करता हूँ.

मेरे स्पष्ट रूप से करियर के लक्ष्य हैं.

मैं मेरी कमीयाँ दूर करने की कोशिश करता हूँ.

मैं नाराजगी से पीछे हटता हूँ.

मुझ में डटे रहने की तितीक्षा है.

लक्ष्यप्राप्ती के मेरे प्रयास में मुझे मेरा परिवार तथा दोस्तों का समर्थन मिलता है.

बदलाव को मैं आसानी से अपनाता हूँ.

ध्यान केंद्रित करके मैं प्रकल्प को पूरा करता हूँ.

मेरे लक्ष्य मेरे हेतु तथा मूल्यों से मेलजोल रखते हैं.

मेरा निर्णय सही है ऐसा मुझे भरोसा होता है तब मैं अप्रिय कार्रवाई कर सकता हूँ.

अपने गुणों का योग करें. योग की संख्या जितनी अधिक, आप उतने ही अधिक दीर्घोद्योगी है.

दीर्घोद्योगी बनने की युक्तियाँ
अपने लक्ष्य को स्पष्ट करें. उसे अपने संकल्प/आस, जरूरतें तथा क्षमताओं पर निर्भर करें. आप का लक्ष्य किसलिए है और उस से आप को तथा दुसरों को क्या लाभ होगा यह जान लें.

वर्तमान स्थिति में अपना लक्ष्य लिखें. अपेक्षित नतीजे, आप क्या प्राप्त करना चाहते हैं यह लिखें. उस में सविवरण, सविशिष्ट तथा सकारात्मक रहें.

अपना लक्ष्य प्राप्त करना चाहें. लक्ष्य, रणनीतियाँ तथा समयबद्धताओं की रूपरेखा बनाएं. जिन से सहायता मिल सकती हैं ऐसे संसाधनों को जैसे कि लोग, संगठनों तथा इंटरनेट की जानकारी लें. लक्ष्य के छोटे छोटो हिस्से बनाएं, प्रतिगामी गणन करके हरएक टप्पे पर आप के अपेक्षित नतीजे तथा उपलब्धियों के दिनांको को तय करें.

समर्थन प्रणालियाँ विकसित करें. जो आप के लक्ष्य को समर्थन देते हैं तथा आप की उपलब्धियों पर खुशियाँ मनाते हैं ऐसे सकारात्मक, प्रोत्साहित करनेवाले लोगों से नियमित रूप से मिलते रहें.

उत्पादक प्रवृत्तियाँ तथा बरताव चुनें. भूतकालीन बातों को ज़्यादा महत्त्व न दें, क्या हो सकता है इसकी चिंता करें, या अपने आप को शिकार के रूप में देखें.

आशावाद बरकरार रखें. अपने आप में तथा दूसरों में सकारात्मकता को मजबूती दें. अच्छी चीजों की अपेक्षा करें. अपने आप से चलनेवाले संभाषण पर नजर रखें. नकारात्मक विचार या विधानों को सकारात्मक विचार या विधानों से बदलें. हर रोज के अच्छे अनुभवों के लिए दैनंदिनी रखें.

आप क्या कर सकते हैं इस पर ध्यान केंद्रित करें. आप की उपलब्धियों को प्रतिसाद दें. स्वयं-सुधार की व्यक्तिगत मानकों की कसौटी पर आप के उपलब्धियों को जाँच लें.

आप की धारणाओं के बारे में धैर्य रखें. उन्हें दूसरों के लिए न बदलें या किसी दूसरों के साथ उन की तुलना न करें.

जोखिम उठाने की प्रवृत्ति का विकास करें. ग़लतियों से घबराइए नहीं. पूछें - 'इस से भी और बुरा क्या हो सकता है?' बरी से बुरी स्थिति में आप रह सकते हैं या ऐसी स्थिति की गुंजाईश को प्रतिबंध कर सकते हैं या नहीं इसका निर्णय करें.

नकारात्मक प्रतिफल की मात्रा कम करने के हेतु अपने लक्ष्य का अनुसंधान करें. उदाहरण के लिए, ऐसे लक्ष्य प्राप्त करने वाले सफल व्यक्तियों से मुलाकात करें. उन की ग़लतियों से सबक सीखें.

वर्तमान में जिएं. क्या होगा इस की चिंता न करें. ग़लतियो‍ की तरफ सुधारने के मौके समझकर देखें.

ममत्व की भावना पर काबू रखें. आप किसी से जितनी मात्रा में ममत्व रखेंगे उस से अधिक मात्रा में उसे खो देने का डर रहेगा.

स्वस्थ जीवनपद्धति अपनाइए. आप का मन, शरीर, भावनाएँ तथा फूर्ती का खयाल करें. खाली समय सोचविचार तथा पुनरावलोकन के लिए नियोजित करें. दीर्घश्वसन, व्यायाम, ध्यानधारणा जैसे तनावमुक्ति की क्रियाओं का अभ्यास जारी रखें. पर्याप्त नींद लें तथा स्वास्थ्यकारक भोजन लें. हंसी-मजाक तथा दोस्तों के लिए समय दें.

कल्पनाशक्ति को चालना दें. आप ने अपना लक्ष्य पूरा किया है ऐसी कल्पना करें. अपनी फलप्राप्ति अपने मन में दृढता से धारण करके रखें. अपने लक्ष्य के सभी अंगों का गंध, स्पर्श, ध्वनि महसूस करें. हर सुबह उठते ही अपने लक्ष्य की समीक्षा करें. यही प्रक्रिया रात में दोहराएं.

दृढ रहें. हर रोज लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें. पराभव की हर "ना" से आप कामयाबी के "हाँ" के नजदीक पहुँचते हैं. आप अगर अपयशों से सबक सीखते रहे तथा अपने मार्ग पर चलते रहे तो सफलता आप के पीछे पीछे आएगी. हर रोज, नियमित मध्यंतर से, अपने आप से पूछें  कि क्या आप की गतिविधियाँ आप का लक्ष्य प्राप्त करने में सहाय्यकारी हैं?

भरोसा रखें, आप अपना लक्ष्य प्राप्त करेंगे. जब आप का मन, भावनाएँ तथा गतिविधियाँ अपने लक्ष्य पर केंद्रित हो तो आप असामान्य प्राप्त कर सकते हैं.

 

 

 

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कॅरोल कांचीयर, पुरस्कार विजेती लेखिका तथा आंतरराष्ट्रीय संगठित स्तंभलेखिका ने अपने करियर विकास तथा सुधार के काम में अध्यात्मिक एवम अधिकारप्रदान तत्त्वों के एकत्रिकरण का अग्रेसरत्व किया है. मानसोपचार तज्ज्ञ और ' क्वेस्टर्स ' नामक एक करियर परामर्श समूह की प्रिन्सिपाल की हैसियत से कांचीयर संगठन, समुपदेशक/प्रशिक्षक, व्यक्तियों से परामर्श करती है, अनुसंधान आयोजित करती है और पूरी दुनिया में व्याख्यान देती है. कॅरोल ने जिन माध्यमों के जरिए अपने व्याख्यान दिये है उन में शामिल हैं WNBC और CNBC, न्यू यॉर्क; CBC और CTV, टोरंटो; और KPIX, KRON और KQED, सॅन फ्रान्सिस्को. उस ने लिखा हुआ "बदलने का धैर्य करें" नामक स्तंभ और कई दूसरे लेख सायकॉलॉजी टुडे, एन्सायक्लेपीडिया ऑफ करियर डिसीजन्स अँड वर्क इश्यूज, सॅन फ्रॅन्सिस्को क्रॉनिकल, दि वँकुवर सन, दि वॉल स्ट्रीट जर्नल, साऊथ आफ्रिका नॅशनल मैगेझिन और मलेशिया बिझिनेस इन प्रकाशनों में प्रकाशित होते हैं. "बदलने का धैर्य करें" वेबसाइट की भेंट करने के हेतु यहाँ पर क्लिक करें.

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